कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन-karmanye vadhikaraste shlok

प्रथम द्रष्टि में तो ये इतना ही समज आ शकेगा की यहा पर केवल इतना कहा गया है की कर्म करते रहो लेकिन फल के बारेमे न सोचो लेकिन यहा पर इनसे ज्यादा बहुत कुछ समजाय गया है. निचे दिए गये point का आप अभ्यास करेगे तो मालूम होगा की ये कर्म को सफल करने की तरकीब है

Spirituality meaning in hindi-धर्म और अध्यात्म में क्या अंतर है ?

पशु और मानव में यही एक अंतर है जिसे वह अलग पड़ता है. पशु को खान, पान और प्रजनन का ही पता होता है. लेकीन मनुष्य को अक्सर एक परेशानी सताती है की वह कौन है ? उसे खो जाने का, छुट जाने का और कोई मुसीबत आने का डर सदेव रहता है !.

mandukya Upanishad

माण्डूक्योपनिषद ज्ञान का रहस्य-Mandukiya Upanishad in hindi part-1

ये बात को पढके किसी को कुछ अलग लगे नवीनतम लगे. लेकिन इसमें कोई भी अतिश्योक्ति नही है. उपनिषद हमारे जीवन के प्रश्नों के हल करता बन शकते है. ये गूढ़ ज्ञान केवल ग्रंथो में भरा पड़ा है. उसे केवल निवृति का ज्ञान बताके हम उससे दूर रहे है !!