कर्म योग का आचरण किस तरह से ?- How to Perform Our Duties ?

यस्त्विन्द्रियाणि मनसा नियम्यारभतेऽर्जुन | कर्मेन्द्रियै: कर्मयोगमसक्त: स विशिष्यते || ३-7|| कर्मयोग भगवद गीता का महान उपदेश है. कर्म के बिना कोई जीवन जी नही शकता ऐसा भगवान ने भगवद गीता में कहा. क्यों ? इन

जीवन में अपार संभावना है ?-change your life completely

बहुत लोग ऐसे होते है जो अपने जीवन से थक जाते है. उसे जीवन एक बोझ लगने लगता है. कभी कभी तो ये भावना इतनी बढ़ जाती है की उसे अपना जीवन ही बेकार लगने

सफलता का राज क्या है ? | what is the secret of success ?

मित्रो, आम तौर पर देखा जाये तो ये सफलता शब्द बहुत ही प्रचलित हो गया है. उनके बारेमे आपको ढेर सारे वीडियो और ब्लॉग भी मिल जायेगे ! ये तो बड़ा आसान है. लेकिन क्या

आखिर क्या है साधना का राज ?-What Is Spiritual Awakening

मनुष्य इस ब्रह्मांड का एक ऐसा लोता प्राणी है जिनके पास बुध्धि है. वह अपनी बुध्धि का इस्तमाल करके अपनी स्थिति के बारेमे सोच शकता है. उन्हें सुधार शकता है. उनका जो आजका जीवन है..

किस तरह से हम कार्य करते हुवे भी उपर उठे-Bhagavad Gita: Chapter 5, Verse 7

आज के समय में ज्ञान की बाते थोड़ी बड़ी लगेगी लेकिन एक स्टेज प्राप्त करने के लिए जहा हम प्रशन्नता से कार्य भी कर शके और उनसे स्वतंत्र भी रह शके ऐसा ये श्लोक है

जीवन में कुछ करने के लिए क्या जरूरी है ?-success tips

मित्रो, सफलता की इस category में आज हम ये समजने की कोशिश करेगे की जीवन में कुछ करना है, कुछ बनना है तो हमे क्या करना चाहिए ? success tips in hindi. कोई ऐसे उपाय

अंतरिक्षयान-Episode 2 दीवान खंड में विराक्ष को रमेशचन्द्र ने समजाय-hindi kahaniya

सुम साम रास्ता.. चारो और सन्नाटा.. कार धीरे धीरे जा रही थी..थोड़े थोड़े समय में बारिश की बौछार.. बिजली की गडगडाट की आवाज..बार बार होती लाइट जैसे कोई फ़ोटो खिचता हो..अभी रास्ता ७० किलो मीटर का था.. बुरे फसे थे ओबोरॉय और उनका फेमिली.. उनकी वाइफ प्रेगनेट थी कब बेबी का जन्म हो पता नही !!

अंतरिक्षयान-Episode-3 प्रतापसिंह को मिलने ओबोरॉय और रमेशचन्द्र चले

सुम साम रास्ता.. चारो और सन्नाटा.. कार धीरे धीरे जा रही थी..थोड़े थोड़े समय में बारिश की बौछार.. बिजली की गडगडाट की आवाज..बार बार होती लाइट जैसे कोई फ़ोटो खिचता हो..अभी रास्ता ७० किलो मीटर का था.. बुरे फसे थे ओबोरॉय और उनका फेमिली.. उनकी वाइफ प्रेगनेट थी कब बेबी का जन्म हो पता नही !!

Bhagavad Gita: Chapter 4, Verse 37-यथैधांसि समिद्धोऽग्निर्भस्मसात्कुरुतेऽर्जुन

किस तरह से हमारे कर्म अपने संस्कारो के साथ नष्ट होते है. यह बात भगवद गीता हमे शिखाती है. कोई भी कर्म ऐसा नही है जो अपनी छाप न छोड़े यही बात हमे कभी कभी परेशान करके रख देती है. क्योकि बुरी आदते हमे धीरे धीरे और भी निचे गिरा देती है

अंतरिक्षयान-Episode 1 क्या हुवा ओबोरॉय के साथ ?-Upanyas in hindi

सुम साम रास्ता.. चारो और सन्नाटा.. कार धीरे धीरे जा रही थी..थोड़े थोड़े समय में बारिश की बौछार.. बिजली की गडगडाट की आवाज..बार बार होती लाइट जैसे कोई फ़ोटो खिचता हो..अभी रास्ता ७० किलो मीटर का था.. बुरे फसे थे ओबोरॉय और उनका फेमिली.. उनकी वाइफ प्रेगनेट थी कब बेबी का जन्म हो पता नही !!